जयपुर।

सोशल मीडिया पर यू तो पिछले लंबे समय से राजे के फैन या कहे फॉलोअर्स ‘टीम वसुंधरा राजे’ प्लेटफार्म पर कुछ न कुछ करते आ रहे हैं लेकिन अब उनकी यही गतिविधियां अचानक सियासी सुर्खियों में आ गई है। यह लाजमी भी था क्योंकि अब इस बारे में मीडिया में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ सतीश पूनिया का भी बयान सामने आ गया है तो वही राजे समर्थक विधायक प्रताप सिंह सिंघवी भी राजे की ओर से सफाई देने मीडिया के समक्ष आ चुके है।


दरअसल सियासी संकट कुछ माह पहले प्रदेश की गहलोत सरकार पर आया था लेकिन विपक्ष के रूप में मौजूद राजस्थान भाजपा की स्थिति भी बहुत अच्छी नहीं है। बस अंतर इतना है कि बीजेपी खुद को अनुशासन पार्टी मानती है लिहाजा कोई भी चीज खुलकर नेता नहीं करते फिर चाहे सियासत में किसी का नाम आगे बढ़ाना हो या उसे नीचे गिराना हो मतलब तो आप समझ ही गए होंगे…राजस्थान भाजपा में भी इन दिनों नेता यही कर रहे हैं और इसका ताजा उदाहरण टीम वसुंधरा राजे के रूप में सोशल मीडिया खास तौर पर फेसबुक पर वायरल हो रही वह सोचा है जो वसुंधरा राजेश समर्थक मंच की ओर से बनाई गई है हर जिले में बकायदा कार्यकारिणी भी गठित कर दी गई ऐसा नहीं है कि तमाम चीजें भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया के दिल्ली दौरे के दौरान ही हुई हो बल्कि कई महीने से सोशल मीडिया पर तमाम चीजें चल रही है लेकिन मीडिया में सुर्खियां तब बनी जब दिल्ली में प्रदेश भाजपा नेताओं की अहम बैठक हुई।
फिर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉक्टर सतीश पूनिया के अनुसार जो सोचा वायरल हो रही है उसमें पार्टी का कोई जिम्मेदार व्यक्ति यह लोग शामिल नहीं दिखते और सोशल मीडिया पर वायरल होने वाली इन चीजों को गुटबाजी से जोड़कर देखना भी पूनिया गलत मानते हैं। हालांकि पूर्णिया यह जरूर कहते हैं कि पूरा मसला पार्टी आलाकमान के संज्ञान में जरूर है। इसके अलावा भी कई बात मीडिया के समक्ष पूनिया ने कहीं जो एक जिम्मेदार प्रदेश अध्यक्ष के नाते उन्हें कहना चाहिए थी लेकिन सियासत तो सियासत ही है जो पल पल रंग बदलती है।
पूनिया का बयान मीडिया में आया तो कुछ घंटों बाद ही वसुंधरा राजे समर्थक भाजपा विधायक और पूर्व मंत्री रहे प्रताप सिंह सिंघवी का एक बयान भी मीडिया में आया। सिंघवी कहते हैं वसुंधरा राजे राजस्थान ही नहीं देश की लोकप्रिय जनप्रतिनिधियों में शामिल है क्योंकि वह दो बार मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री भी रह चुकी है ऐसे में उनके कई समर्थक और फॉलोअर्स है उनमें से कोई सोशल मीडिया पर उनकी प्रचार-प्रसार के लिए इस तरह का काम करें तो उसमें वसुंधरा राजे को नहीं घसीटना चाहिए। सिंघवी यही भी कहते हैं कि वसुंधरा राजे जी का परिवार का जनसंघ और बीजेपी को आगे बढ़ाने में काफी योगदान रहा है और राज्य भाजपा के खिलाफ जाना तो दूर ऐसा सोच भी नहीं सकती। कुल मिलाकर सिंघवी ने अपने बयानों से यह साफ कर दिया कि यदि हजारों लाखों समर्थकों में से कोई वसुंधरा राजे के नाम से कुछ बनाकर सोशल मीडिया में चला है तो इसके लिए वसुंधरा राजे जिम्मेदार नहीं है।
फिर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया और राजे समर्थक विधायक प्रताप सिंह सिंघवी के बयानों से जुड़ी पूरी बात तो हो गई लेकिन उस शख्स के बारे में भी जान लीजिए जिसने वसुंधरा राजे समर्थक मंच बनाया है और इस मंच की सोशल मीडिया पर जो गतिविधियां है उसके कारण ही ये पूरा सियासी बवाल खड़ा हुआ है। वसुंधरा राजे समर्थक मंच के कर्ताधर्ता और प्रदेश अध्यक्ष विजय भारद्वाज है और इन्होंने ही फेसबुक पर यह मंच बनाकर अलग-अलग जिलों में कार्यकारिणी भी बना दी। हालांकि भारद्वाज का कहना है की 2 सालों तक भाजपा से जुड़े रहे और पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के समर्थक भी हैं। ऐसे में बतौर मुख्यमंत्री रहते हुए वसुंधरा राजे ने जिस प्रकार प्रदेश का विकास किया और उनकी जो नीतियां थी उसके प्रचार-प्रसार के लिए ही वे इस मंच का इस्तेमाल कर रहे हैं। भारद्वाज ये भी कहते हैं इसका जितना प्रचार-प्रसार होगा बीजेपी के लिए उतना ही अच्छा होगा ताकि साल 2023 में भाजपा की सरकार भी बने और मुख्यमंत्री भी वसुंधरा राजे बने।

राजे समर्थक विधायक प्रताप सिंह सिंघवी
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ सतीश पूनिया