जयपुर।

प्रदेश में कोविड-19 संक्रमण के चलते जारी रात्रिकालीन कर्फ्यू अब हटा लिया गया है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की अध्यक्षता में सोमवार को हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया। प्रदेश में कोविड-19 के लगातार कम होते संक्रमण और मौजूदा परिस्थितियों में उठ रही मांग को देखते हुए मुख्यमंत्री ने फैसला लिया है।


खुद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने ट्वीट के जरिए इसकी जानकारी साझा की हालांकि अपने ट्वीट के दौरान गहलोत ने यह भी लिखा कि रात्रिकालीन कर्फ्यू जरूर समाप्त किया गया है लेकिन हेल्थ से जुड़े प्रोटोकॉल को अपनाना आवश्यक होंगे वरना वापस संक्रमित ओं की संख्या बढ़ सकती है। इसलिए यह नौबत नहीं आना चाहिए कि वापस सख्ती करना पड़े। अभी प्रदेश के 13 जिला मुख्यालयों में रात्रि कालीन कर्फ्यू लगाया जा रहा था जिसे अब समाप्त कर दिया गया है।


अब बड़े आयोजनों के लिए पूर्व अनुमति नहीं बस सूचना देना होगा जरूरी
वही बैठक में तय किया गया कि विभिन्न राजनीतिक धार्मिक व अन्य बड़े आयोजनों के लिए जिला कलेक्टर ने संबंधित अधिकारी से पूर्व में ली जाने वाली अनुमति के स्थान पर अब केवल सूचना देना जरूरी होगा मतलब अब इन आयोजनों के लिए पूर्व अनुमति दिए जाने की आवश्यकता नहीं होगी हालांकि यह भी साफ कर दिया गया है कि आयोजन में शामिल होने वाले लोगों की अधिकतम संख्या पूर्व निर्धारित ही रहेगी।

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने किया ट्वीट


निजी अस्पताल में कोरोना की जांच अब 500 रुपये में-
वहीं मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अपने निवास पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कोविड-19 संक्रमण रोकथाम और इसके टीकाकरण से जुड़े अभियान की समीक्षा करते हुए यह भी निर्णय लिया कि निजी लैब और अस्पताल में rt-pcr जांच किधर ₹800 के बजाए ₹500 की जाए मतलब अब ₹500 में ही जांच हो सकेगी। वही 100 से अधिक बेड की क्षमता वाले निजी अस्पतालों में कोविड-19 के लिए 40% बेड रिजर्व करने की अनिवार्यता भी खत्म करके इसे महज 10 बेड कर दिया गया है। प्रदेश सरकार के इस फैसले से निजी अस्पताल ने भी राहत की सांस ली है और यहां गंभीर रोगियों के लिए बेड की उपलब्धता भी सुनिश्चित हो सकेगी।

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने ट्वीट कर दी जानकारी