जयपुर।

पूर्व मंत्री एवं विधायक कालीचरण सराफ ने संक्रमण के मामलों में लगातार हो रही कमी तथा कोविड 19 की निरन्तर सामान्य होती परिस्थियों को देखते हुए राज्य सरकार से व्यापारियों, उधमियों, मजदूरों एवं आमजन की सुविधा के लिए शहर से रात्रिकालीन कर्फ्यू हटाने की मांग की है।        

सराफ ने कहा कि कोरोनाकाल में लॉक डाउन के चलते लगभग छः माह तक काम धंधे बंद होने से व्यापारी एवं मजदूर वर्ग सबसे अधिक प्रभावित हुआ है। लॉक डाउन हटने के बाद काम धंधों में अभी भी पहले की तरह सामान्य स्थिति नहीं आ पाई है। इस कारण पिछले दस महीनों से छोटे बड़े सभी तरह के उधमी, व्यापारी एवं मजदूर वर्ग भारी आर्थिक संकट से जूझ रहा है ऐसे में रात्रि कर्फ्यू से व्यापार पर पड़ते प्रतिकूल प्रभाव ने इन लोंगों के संकट को और बढ़ा दिया है।      

सराफ ने कहा कि सांय 6 बजे से रात्रि 10 बजे तक दुकानदारी का सबसे अनुकूल समय होता है क्योंकि लोग अपने ऑफिस या दफ्तर से आकर खरीददारी के लिए बाजार में आते हैं लेकिन दुकानें बंद होने कारण असुविधा होने से लोग बाजारों में आते ही नहीं हैं। कुछ राज्यों ने संक्रमण की वर्तमान स्थिति को देखते हुए रात्रि कर्फ्यू को पूर्णतया हटा लिया है और कुछ राज्यों ने समय बदल कर रात्रि 11 बजे से प्रातः 6 बजे तक कर दिया है परन्तु जयपुर में कर्फ्यू का समय में बदलाव नही होने से व्यापार बहुत ज्यादा प्रभावित हो रहा है और इससे व्यापारी वर्ग काफी परेशान है। जयपुर व्यापार महासंघ ने भी मुख्यमंत्री जी को पत्र लिखकर रात्रिकालीन कर्फ्यू हटाने की मांग की है, लेकिन सरकार ने अभी तक उनकी मांग पर कोई निर्णय नहीं किया है।

सराफ ने मांग करते हुए कहा कि जयपुर के व्यापारी एवं नागरिक पूरी तरह से कोविड गाइड लाइन का पालन कर रहे हैं, व्यापारी लोग नो मास्क नो एंट्री के नियम को अपना चुके हैं तथा विज्ञापनों के जरिये भी ग्राहकों को जागरूक कर रहे हैं। अत्यंत सुखद बात यह है कि संक्रमण के मामलों में लगातार कमी हो रही है तथा जनजीवन सामान्य होता जा रहा है ऐसे में रात्रिकालीन कर्फ्यू का कोई औचित्य नहीं रह गया है, इसलिए जयपुरवासियों की सुविधा और व्यापारियों को राहत प्रदान करने के लिए राज्य सरकार तुरन्त निर्णय लेकर रात्रि कर्फ्यू को पूरी तरह से हटाए अथवा कर्फ्यू का समय रात्रि 11 बजे से प्रातः 6 बजे तक करे जिससे शहर के छोटे – बड़े व्यापारियों, रेहड़ी, पटरी वालों का काम धंधा पटरी पर लौट सके।