जयपुर
कोरोना के बढ़ते प्रकोप के बीच परिवहन मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास और जयपुर हैरिटेज महापौर मुनेश गुर्जर द्वारा विकास कार्यों का शिलान्यास के नाम पर भीड़ जुटाने का मामला सियासी पचड़े में पड़ गया है। पूर्व मंत्री व भाजपा विधायक कालीचरण सराफ ने इस मामले में खाचरियावास और मुनेश गुर्जर के खिलाफ महामारी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर कार्रवाई करने की मांग की है।

विधायक कालीचरण सराफ ने बयान जारी कर कहा कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत जन अनुशासन पकवाड़ा चलाने के निर्देश देते हैं और कोरोना की रोकथाम के लिए पाबंदियां भी लगाते हैं लेकिन उनके ही कैबिनेट मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास और उनकी पार्टी की महापौर इस की खुलेआम धज्जियां उड़ा रही है। कालीचरण सराफ ने कहा कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को ऐसे मंत्री और महापौर के खिलाफ महामारी एक्ट के तहत कार्रवाई करना चाहिए।

परिवहन मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास

क्या शराब को अति आवश्यक सेवा मानते है मुख्यमंत्री जबाब दे – सराफ

कालीचरण सराफ ने मौजूदा समय में शराब की दुकानें खोले जाने पर भी सवाल उठाया है। सराफ ने कहा जन अनुशासन पखवाड़े के नाम पर प्रदेश में अति आवश्यक सेवाओं को छोड़कर तमाम दुकान और प्रतिष्ठानों को बंद कर दिया गया है लेकिन शराब की दुकाने खोली जा रही ऐसे में मुख्यमंत्री को यह बताना चाहिए क्या अति आवश्यक सेवाओं में शराब की दुकानों को भी शामिल कर लिया गया है क्या। भाजपा विधायक ने यह भी कहा कि प्रदेश सरकार और मुख्यमंत्री को आमजन की चिंता नहीं है बल्कि शराब के ठेकेदारों की और सरकार के राजस्व की चिंता है।