जयपुर ।

पिछले कुछ दिनों से राजधानी जयपुर में अपना मानदेय बढ़ाने सहित तीन मांगों को लेकर धरने पर बैठी आशा सहयोगिनियों को गुरुवार सुबह पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। जिस पर अब प्रदेश की सियासत भी भड़क गई है राज्य महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष सुमन शर्मा ने इस मामले में प्रदेश सरकार की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए हैं।
सुमन शर्मा ने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की संवेदनशीलता अब कहां गई,जब शांतिपूर्वक धरना दे रहे इन आशा सहयोगिनियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया। शर्मा ने यह भी कहा कि यह आशा सहयोगिनी अपना मानदेय बढ़ाने की मांग पर पिछले कई दिनों से जयपुर में धरने पर बैठी थी लेकिन सरकार ने इनसे सकारात्मक वार्ता की पहल नहीं की और ना ही इनकी मांगों की ओर ध्यान दिया। सुमन शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत किसान हितेषी होने की बात कहते हैं और किसानों को लेकर ट्वीट भी करते हैं लेकिन आशा सहयोनियों की मांगों को लेकर उन्होंने कोई सकारात्मक पहल  नहीं की बल्कि इनका आंदोलन खत्म करने के लिए दमनकारी नीति जरूर अपना ली, जो उचित नहीं है। भाजपा नेत्री सुमन शर्मा ने मुख्यमंत्री से इन प्रदर्शनकारी महिलाओं की मांगों पर सकारात्मक निर्णय कर इन्हें राहत देने की मांग की है।
गौरतलब है कि 2 दिन पहले टोंक रोड जाम करने के मामले में शांति भंग के मामले में कुछ आशा सहयोगिनी को गिरफ्तार किया गया है जिस पर सियासी उबाल आ गया है।